Baba Ramdev Biography in Hindi | बाबा रामदेव जीवन परिचय

Baba Ramdev Biography: बाबा रामदेव जी का नाम तो आज भारत के बच्चे को पता है। आप चाहे किसी से भी पूछ लें बाबा रामदेव के बारे में कोई न कोई बात हर व्यक्ति बता देगा। लेकिन कई साड़ी ऐसी बातें भी होती हैं, जो कि सबको नहीं पता होती इसलिए हम लेकर आये हैं, हमारे भारतीय योग गुरु बाबा रामदेव के जीवन से जुडी हुई कुछ जानकारी/बातें लेकर शायद ये आपको भी नहीं पता होगी। ये तो हम सभी जानते हैं कि बाबा रामदेव (Baba Ramdev) अपने योग के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। बाबा रामदेव को लोग स्वामी रामदेव के नाम से भी जानते हैं। वर्तमान समय में पुरे भारत में वो एक अकेले ऐसे योग गुरु हैं, जो की देश-विदेश में प्रख्याति प्राप्त कर चुके हैं।

Baba Ramdev Biography in Hindi | बाबा रामदेव जीवन परिचय

जो की देश के लोगों को अपने देश की वस्तुएँ, सेवायें, भारतीय/स्वदेशी चीजें इस्तेमाल करने की प्रेरणा देते हैं। जिसके चलते स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ जो की योग के लिए देश विदेश में प्रचलित है और पतंजलि आयुर्वेद को शुरू किया। क्या आप जानते हैं बाबा रामदेव योग ज्ञान, और आयुर्वेदिक ज्ञान देने के साथ ही एक बेहतरीन कथा वाचक भी हैं, क्या आप यह जानते हैं आपने बाबा रामदेव के मुख से कथा श्रवण किया है। नहीं तो एक बार तो अवश्य करना और अपना अनुभव सभी के साथ बाँटना। तो चलिए शुरू करते हैं बाबा रामदेव जी के जीवन से संबंधित कई सारी बातों की जानकारी प्राप्त करते हैं। जानते हैं कि बाबा रामदेव की उपाधि योगगुरु को कैसे प्राप्त हुई, उनका प्रारम्भिक ज्जीवन कैसे रहा उन्होंने अपनी पढाई कहाँ से की।

Baba Ramdev Biography in Hindi (बाबा रामदेव जीवन परिचय)

राम बाबा रामदेव
असली नाम रामकृष्ण यादव
प्रसिद्धि का कारण योग, प्राणायाम, व्यवसाय, राजनीती
जन्म 25 दिसंबर 1965
जन्म स्थल सैयद अलीपुर, कस्बा, नांगल चौधरी जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा।
उम्र 56 वर्ष
वजन 65 से 70kg बीच
पेशा योगगुरु
राष्ट्रीयता भारतीय
वर्तमान निवास पतंजलि योगपीठ, महर्षि दयानन्द ग्राम, हरिद्वार, उत्तराखंड
धर्म हिन्दू
रुचियाँ योग, प्राणायाम करना।
लम्बाई 5 फुट 8 इंच
विवाद 1. साल 2006 में बाबा रामदेव ने एड्स से बढ़ते मामलों पर पाबंदी लगाने के लिए कहा था की यौन शिक्षा को योग शिक्षा से बदल दिया जाना चाहिए। इस बात के लिए वे काफी विवाद में रहे।
2. बाबा रामदेव ने साल 2011 में दिल्ली के रामलीला मैदान में आमरण अनशन शुरू किया था लेकिन बाबा ने इस अनशन की परमिशन नहीं ली थी जिसके कारण दिल्ली पुलिस ने उनको रात को मैदान से भगा दिया था और साथ ही बाबा को RAF (Rapid Action Force) ने गिरफ्तार कर लिया था।
3. 2013 में बाबा रामदेव को हीथ्रो हवाई अड्डे पर कुछ अज्ञात कारणों की वजह से 8 घंटे तक हिरासत में रखा गया था।
4. इस सभी के साथ ही बाबा रामदेव ने आमिरखान की पीके फिल्म को परदे पर दिखाने से रोकने के लिए निवेदन किया था। क्योंकि उनका मानना था कि इस फिल्म में हिन्दू धर्म की छवि पर गलत रूप से चित्रांकन किया गया है।
5. साल 2016 में दिसम्बर माह में हरिद्वार अदालत द्वारा बाबा रामदेव की पतंजलि कम्पनी पर 11 लाख का जुरमाना लगाया गया था। जिसका कारण यह था की यह कम्पनी गलत नाम और पथभ्रष्ट करने वाले ऐडवर्टिसमेंट का प्रयोग कर रहे थे।
नेट वर्थ (कुल सम्पति)25600 करोड़ योगपीठ पतंजलि के अनुसार

शैक्षिक योग्यता और परिवार

बाबा रामदेव का जन्म हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के सैयद अलीपुर कस्बा में हुआ था। बाबा रामदेव की माता का नाम गुलाबो देवी और पिता का नाम रामनिवास यादव है और बाबा रामदेव के एक बड़े और एक छोटे भाई भी हैं, जिनमे से छोटे भाई राम भरत, बाबा रामदेव का काम संभालते हैं। बाब रामदेव के मात-पिता ने उनका नाम रामकृष्ण यादव रखा था। बाबा रामदेव ने अपनी आठवीं तक की शिक्षा अपने पास के गाँव शहजादपुर के सरकारी विद्यालय से की और इसके बाद रामकृष्ण (Baba Ramdev) ने खानपुर गांव के गुरुकुल में आचार्य प्रद्युम्न और योगाचार्य बल्देव जी के गुरुकुल से वेद और संस्कृत की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद युवावस्था में ही बाबा रामदेव ने सन्यास लेने का संकल्प कर लिया था। योग आयुर्वेद और अन्य शास्त्रों की शिक्षा ग्रहण करने के बाद बाबा रामदेव ने लोगों को बिना किसी शुल्क के योग की शिक्षा दी।

पिता का नाम रामनिवास यादव
माता का नाम गुलाबो देवी
भाई-बहन भाई- गुरुदत्त, रामभरत
बहन – वितंबरा
स्कूल शहजादपुर माध्यमिक हाईस्कूल
विश्वविद्यालय गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार
शैक्षणिक योग्यता N/A
वैवाहिक स्थिति अविवाहित (सन्यासी)

Baba Ramdev के मुख्य कार्य

बाब रामदेव ने साल 2006 में महर्षि दयानन्द ग्राम में पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट के साथ ही नए जमाने के (अत्याधुनिक) औषधि निर्माण करने के लिए पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड नाम की 2 सेवा परियोजनायें शुरू की। इसके ही माध्यम से बाबा रामदेव ने योग, प्राणायम और अध्यात्म, वैदिक शिक्षा के साथ देश भर के लोगों में आयुर्वेद का ज्ञान बाँटा। आज के समय में बाबा रामदेव के ज्ञान का अनुसरण देश-विदेश के लोग, और बड़े से बड़े सेलिब्रेटी और आमजन भी करते हैं। इनका प्रवचन और योगा की शिक्षा का प्रसारण कई सारे टीवी चैनलों पर किया जाता है जैसे -आस्था टीवी, आस्था इंटरनेशनल, जी नेटवर्क, इण्डिया टीवी, और सहारा वन पर।

योगगुरु ने इसके साथ भारतीय लोगों की ब्लैकमनी यानि की कला धन जो की विदेशी बैंकों जैसे -स्विस बैंक, इटली में जमा है, उस धन को वापस लाने की मांग करने के लिए बाबा रामदेव ने एक लाख किलोमीटर की यात्रा की।

भ्रष्टाचार के विरोध में किया आमरण अनशन

बाबा रामदेव ने देश से भ्रष्टाचार को खत्म करने और इसके विरोध में 27 फरवरी 2011 में रामलीला मैदान में जनसभा की यहाँ पर स्वामी अग्निवेश और साथ ही अन्ना हजारे भी आये थे। जिसके बाद एक महीने बाद 5 अप्रैल में बाबा रामदेव और अन्ना हजारे ने जंतर-मंतर से सत्याग्रह के साथ ही आमरण अनशन की घोषणा की जिसमे की बाबा रामदेव ने भी भाग लिया। 4 जून 2011 को दिल्ली रामलीला मैदान में सुबह 7 बजे से यह अनशन शुरू हुआ और रात में दिल्ली पुलिस द्वारा उनपर और सहयोगियों पर धावा बोल दिया जिसके शोर से बाबा (Baba Ramdev) वहां से भाग निकले और हरिद्वार पतंजलि योगपीठ पहुंचकर इस घटना का किस्सा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया की किस तरह वे वहाँ से जान बचाकर भाग खड़े हुए।

रामकृष्ण से बाबा रामदेव का सफर

बाबा रामदेव जब छोटे थे। कहा जाता है उस समय उनको काफी चोट आई थी, और इसके बाद वो गहरे पानी के तालाब में भी डूब गए थे, ये तो स्पष्ट नहीं है की बाबा रामदेव लकवा की चपेट में किस समस्या के कारण आये थे लेकिन लकवा की समस्या को दूर करने का कारण वह योग को ही मानते हैं। कहा जाता है की बाबा रामदेव के घर में सुभासचन्द्र बोस और भगतसिंह की तस्वीर लगी हुई थी। जिसको देख कर वो अपनी माँ से हमेशा कहा करते कि वे भी इन्ही के जैसे देश की सेवा करेंगे। बाबा रामदेव को बचपन से ही देशभक्ति का स्वभाव था। लकवा की स्थिति से मुक्ति पाने के बाद बाबा ने अपने गांव के पास वाले गांव के गुरुकुल में डेढ़ साल में सभी शास्त्रों पुराणों, संस्कृत और वेदों का ज्ञान प्राप्त किया।

फिर बाबा रामदेव हरिद्वार आ गए और कांगड़ी विश्वविद्यालय में भी ज्ञान प्राप्त किया। लम्बे समय तक शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त करने के बाद रामकृष्ण यादव ने युवावस्था में ही सन्यास धारण कर लिया और अपना नाम बदलकर स्वामी रामदेव कर दिया।

पतंजलि योगपीठ

योग और आयुर्वेद की जानकारी और लोगों को इसका लाभ और ज्ञान देने के लिए बाबा रामदेव ने पतंजलि योगपीठ की स्थापना की थी। भारत में ही नहीं बल्कि पतंजलि योगपीठ की नेपाल, कनाड़ा, मारीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में भी 2 शाखाएँ हैं। पहली पतंजलि योगपीठ -1 और पतंजलि योगपीठ-2

पतंजलि आयुर्वेदिक लिमिटेड को शुरू करने का मुख्य कारण यह था की देश की जनता स्वदेशी उत्पादों का इस्तेमाल अधिक करें, और देश के लोग योग के महत्व को समझ पायें।

दिव्य योगपीठ ट्रस्ट

बाबा रामदेव हमेशा से ही अपने देश और देशवासियों के लिए कुछ करना चाहते थे। और फिर शास्त्रों और योग, वेद आदि की शिक्षा ग्रहण करने के बाद बाबा रामदेव ने साल 1995 में दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की लेकिन इतनी जल्दी कोई भी व्यक्ति अपने किसी कार्य को हर घर तक नहीं पंहुचा सकता है। इसी तरह बाबा रामदेव भी योग को देश-दुनिया के कोने-कोने में प्रसिद्ध करना चाहते थे लेकिन यह काम इतना आसान नहीं था। इसलिए बाबा रामदेव ने अपनी योग शिक्षा का प्रचार करने के लिए टीवी/न्यूज़ चैनल की सहायता ली। साथ ही अपने ट्रस्ट को पूर्ण रूप से संभालने और चलाने के लिए रामदेव ने अपने मित्र आचार्य बालकृष्ण और आचार्य कर्मवीर की सहायता ली।

धीरे-धीरे बाबा रामदेव का यह दिव्य योगपीठ ट्रस्ट दुनियाभर में प्रसिद्ध हो गया है। आज दुनिया भर में बाबा रामदेव का योग प्रसिद्ध है। योग का प्रोग्राम हर दिन आस्था टीवी, आस्था इंटरनेशनल, जी नेटवर्क, इण्डिया टीवी, और सहारा वन पर आता है। जिसकी सहायता से आज लाखों करोड़ों लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से योग की सहायता से रोग को दूर कर पा रहे हैं। और कई सारी बिमारियों से लड़कर जीवन प्राप्त कर रहे हैं।

बाबा रामदेव के सानिध्य में बॉलीवुड के बड़े अभिनेता अमिताभ बच्चन और शिल्पा शेट्टी जैसी कलाकार ने भी योग का ज्ञान लिया। इसके साथ ही बाबा रामदेव दुनियाभर में योग का प्रचार करते हैं। और अमेरिका,ब्रिटेन, फ्रांस जैसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों से भी बाबा रामदेव को योग शिक्षा प्रदान करने के लिए निमंत्रण प्राप्त होते हैं।

पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड

साल 2006 में बाबा रामदेव ने औषधि निर्माण हेतु पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड नाम से दो परियोजनाएं शुरू की थी। जिसके अंतर्गत कई तरह के रोगों की आयुर्वेदिक दवाईयाँ बनाई जाती हैं। आज पतंजलि द्वारा रोज की दिनचर्या में इस्तेमाल होने वाली चीजों से लेकर आटा, घी, दूध, हर तरह की चीजें बना दी हैं और जो देश और विदेश में भी जिनकी काफी प्रसिद्धि है।

योग शिविरों का आयोजन

बाबा रामदेव का योग को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाने का सपना धीरे-धीरे पूर्ण हो रहा है। वर्तमान समय में बाबा रामदेव समय-समय पर योग शिविरों का आयोजन करते हैं। योग शिविरों के माध्यम से आज देश विदेश में बाबा रामदेव भारतीय संस्कृति को भी योग के साथ लोगों में बाँट रहे हैं। योग का प्रचार शुरू करने के समय बाबा रामदेव जी ने ऑस्ट्रेलिया का भ्रमण किया और वहां पर योग और भारतीय संस्कृति का ज्ञान प्रदान प्रचार किया। अंग्रेज शासन के बाद से योग जैसे धीरे-धीरे भारतीय संस्कृति से खत्म होता जा रहा था लेकिन कुछ योग गुरुओं की कृपा के कारण यह अब पुरे विश्व में फ़ैल रहा है। बाबा रामदेव पहले ऐसे योग गुरु हैं, जिन्होंने यूपी राज्य में मुस्लिम समाज के मौलवियों को भी योग की शिक्षा दी।

आज के समय में हर जगह पतंजलि स्टोर, पतंजलि मेडिकल स्टोर आपको दिख जाएगा और लगभग हर घर में कोई न कोई पतंजलि की चीजें आपको मिल ही जायेंगीं। इस प्रकार से योग से लेकर दैनिक जीवन और कई बिमारियों की आयुर्वेदिक औषधियाँ आपको पतंजलि से प्राप्त हो जायेंगी।

Political Life of Baba Ramdev (बाबा रामदेव का राजनीतिक जीवन)

बाबा रामदेव जी ने आयुर्वेद, वेद शास्त्र, पुराणों की शिक्षा तो प्राप्त की ही साथ ही वो राजनीतिक क्षेत्र में भी कदम रखना चाहते थे। लेकिन पूर्ण रूप से बाबा रामदेव को राजनीति रास नहीं आती थी। तब भी उन्होंने भारत स्वाभिमान नाम की पार्टी का उद्घाटन किया लेकिन ज्यादा आकर्षण न होने के कारण बाबा रामदेव जी ने कुछ समय 2014 में अपना पूरी तरह अपना समर्थन बीजेपी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को दे दिया था। और वर्तमान समय में बाबा रामदेव पूर्ण रूप से बीजेपी का समर्थन करते हैं।

बाबा रामदेव को प्राप्त सम्मान

  1. इंडिया टुडे पत्रिका ने लगातार 2 साल और इसके साथ ही कई साड़ी बड़ी बड़ी पत्रिकाओं के बाबा रामदेव जी को देश के 50 सबसे ऊँचे और बड़े असरदार लोगों की लिस्ट में शामिल किया।
  2. बेरहामपुर विश्वविद्यालय द्वारा स्वामीजी को डाक्ट्रेट की उपदि दी गई है।
  3. भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल(एसोचेम) ने स्वामी/बाबा रामदेव को ग्लोबल नॉलेज मिलेनियम ऑनर के साथ ही देश-विदेश की कई अनेकों संस्थाओं और सरकार ने भी प्रतिष्ठित सम्मान दिए हैं।
  4. ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय द्वारा भी भारतीय योग गुरु बाबा रामदेव जी को ऑनरेरी डाक्ट्रेट प्रदान की गई है ।
  5. राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तिरुपति, आँध्रप्रदेश द्वारा भी बाबा रामदेव जी को महामहोपाध्याय की मानद उपदि से सम्मानित किया गया है।
  6. एमिटी यूनिवर्सिटी नॉएडा द्वारा बाबा रामदेव जी को 2010 में डी.सी. ऑनर्स से सम्मानित किया गया।
  7. स्वामी रामदेव जी को पुणे में स्थित डी.वाई. पाटिल यूनिवर्सिटी द्वारा 2010 में डी.एससी. ऑनर्स इन योग की उपाधि से सम्मानित किया गया।
  8. और 2011 में स्वामी जी को जनवरी में महाराष्ट्र के तत्कालीन राजयपाल के. शंकरनारायण जी ने चंद्रशेखर सरस्वती अवार्ड से सम्मानित किया।

तो दोस्तों ये थी योगगुरु बाबा/स्वामी रामदेव जी के जीवन से जुडी कुछ बातें यदि आप इनसे जुडी कोई और बातें जानते हैं तो वो भी आप बता सकते हैं।

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